
सारंगी
जनपद पंचायत पेटलावद के अंतर्गत ग्राम सारंगी में करीब छह दशक पुराने एक प्लॉट को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कुछ ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत पर प्लॉट बेचने और जानकारी छिपाने के आरोप लगाए हैं, जबकि सरपंच फुंदीबाई ने इन्हें निराधार बताते हुए राजनीतिक साजिश करार दिया है।

बताया जा रहा है कि लगभग 60 वर्ष पूर्व तत्कालीन ग्राम पंचायत द्वारा पेटलावद निवासी बरवेटा परिवार को आरमशीन हेतु प्लॉट आवंटित किया गया था। पंचायत का दावा है कि उक्त जमीन शुरू से ही संबंधित परिवार के नाम दर्ज है और परिवार नियमित रूप से राजस्व रॉयल्टी जमा करता आ रहा है। पंचायत अभिलेखों में भी भूमि बरवेटा परिवार के नाम दर्ज होना बताया जा रहा है।
“पंचायत का कोई लेना-देना नहीं” – सरपंच
सरपंच फुंदीबाई के अनुसार पंचायत ने किसी भी प्रकार का प्लॉट विक्रय नहीं किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा, “जमीन बरवेटा परिवार की निजी संपत्ति है। पंचायत की इसमें कोई भूमिका नहीं है। पंचायत को बदनाम करने के उद्देश्य से झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।”
सामुदायिक भवन की मांग:-
इसी बीच आदिवासी समाज द्वारा सामुदायिक भवन निर्माण की मांग को लेकर दिए गए आवेदन पर क्षेत्रीय मंत्री निर्मला भूरिया ने 25 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। बस स्टैंड पर सामुदायिक भवन निर्माण का कार्य जारी है। इसके अतिरिक्त जनपद स्तर से 8 लाख रुपये की लागत से एक अन्य भवन निर्माण की प्रक्रिया भी प्रारंभ होने वाली है।
प्रशासन की भूमिका अहम:-
फिलहाल मामला आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित है। यदि प्रशासन राजस्व अभिलेखों की जांच करता है, तो पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। गांव में इस मुद्दे को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।

